INNER EXPIRINCE

दिनांक ११ जुलाई २०२६ को हमारे परम साथी पिपरिया कला निवासी राम भान निगम जी की बिटिया के विवाह समारोह में हमें सीधी जाना था अचानक हम तैयार होकर सीधी के निकल पड़े हम चार मित्र सीधी गए और विवाह समारोह में सुभकामनाए देकर मित्र रामभान निगम जी से मिले बिटिया का विवाह था रामभान के मन में अजब उत्साह था देखकर मन प्रसन्न हुआ हमारे साथ रामू सिंह केशव यादव और कैलाश कचेर और मैं स्वयं चार लोग सफर में थे बड़े उत्साह के साथ हमने विवाह समारोह में शामिल होकर बिटिया के विवाह समारोह में सीधी जिले के गंगोत्री रिसोर्ट में अद्भुत अनुभव के साथ शामिल हुए मित्रो आज की भागदौड़ में अब किसी भी विवाह समारोह में इतने समय तक रुकना संभव नही होता बहुत समय बाद हम पूरी तबियत से समारोह में शामिल हुए और अच्छे अनुभव के साथ रात्रि विश्राम श्री गंगा पालेश के रूम नंबर १०४ में रुके और सुबह उठकर वापस बरही लौटने का मन बनाया हम सभी मित्र सुबह तडके ५ बजे उठकर जल्दी तैयार हुए और वापसी के लिए निकल पड़े सीधी से बरही का घनघोर जंगली रास्ता था आपको बताये की दुर्भाग्य से एक भी जंगली जानवर हमें नही मिला जैसे ही हमने आपस में चर्चा किया की एक भी जानवर नही मिला तो अचानक सामने हिरनों का झुण्ड दिखा और प्रकृति के मनभावन अनुपम अनुकृति को देखकर मन प्रसन्न हो गया थोडा देर रुकर हमने हिरनों के झुण्ड का आनंद लिया फिर निकल पड़े और मानपुर के पास पतौर के जंगल में रसगुल्ला की दुकाने बहुत प्रसिद्ध थी हम एक रसगुल्ले की दूकान में रुके और रसगुल्ले के साथ रबड़ी के स्वाद का आनंद लिया वास्तव में देशी स्वाद का अहसास हुआ आप भी कभी मानपुर जाए तो रसगुल्ला और रबड़ी का आनंद अवश्य ले अद्भूत अलौकिक अनुभव था इसलिए आपसे साझा किया मित्र कैलाश ने विडियो भी बनाकर साझा किया

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